बरेली दंगों में हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, पुलिस के अनुसार भारी मात्रा में अवैध असलाह बरामद

बरेली। थाना बहेड़ी पुलिस ने बरेली दंगों में अवैध हथियार सप्लाई करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 5 अवैध पिस्टल 32 बोर, 36 जिंदा कारतूस, 2 तमंचे (315 व 12 बोर), 2 कारतूस, एक स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई 19 फरवरी 2026 को शेरगढ़ अड्डे पर मुखबिर की सूचना पर की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तसलीम निवासी जोखनपुर और सोमू खान उर्फ औशाफ निवासी बरीपुरा के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इशरत अली के सहयोगी हैं, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में खुलासा हुआ कि 26 सितंबर 2025 को हुए दंगों में इस्तेमाल हथियार इसी गिरोह ने सप्लाई किए थे। सोमू खान के मोबाइल से प्राप्त वीडियो में पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना इशरत अवैध पिस्टलों से टेस्ट फायर करता दिखा।

एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि हथियारों की खेप सीमावर्ती राज्य उत्तराखण्ड के किच्छा क्षेत्र के संपर्कों तक भेजी जानी थी। पुलिस का आरोप है कि दंगों के दौरान भीड़ द्वारा पुलिस पर की गई फायरिंग में बरामद किए गए अवैध असलाहों का इस्तेमाल हुआ। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला है और अन्य फरार आरोपियों गफ्फार, समी, फरहत अली व मुख्य सरगना इशरत की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार दंगों के दौरान मौलाना तौकीर रजा का नाम भी जांच में आया और उनसे जुड़े संपर्कों की कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम में उप निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, उप निरीक्षक राजू कुमार, हेड कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल अंकित सिंह शामिल थे। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी अंतर्राज्यीय हथियार सप्लाई के मामले में एक बड़ी सफलता है।