प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों को टीबी जागरूकता कार्यक्रम के तहत किया शिक्षित

बरेली। पुलिस लाइन बरेली में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला पुलिसकर्मियों को टीबी (क्षय रोग) के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन, जिला कार्यक्रम समन्वयक निखिल बंसल और जिला पीपीएम समन्वयक बिजय कुमार ने प्रशिक्षुओं को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रशिक्षु एवं स्टाफ को टीबी से जुड़ी स्वास्थ्य सावधानियों, संक्रमण रोकने के तरीकों और समय पर उपचार शुरू करने के महत्व के बारे में समझाया गया। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी रोगियों को उपचार अवधि में प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की जानकारी भी साझा की गई। इस पहल का उद्देश्य रोगियों को वित्तीय मदद उपलब्ध कराना और उनका उपचार सुचारू रूप से सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को “एडॉप्ट” करने की प्रक्रिया भी सरल एवं स्पष्ट तरीके से समझाई गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल में शामिल होकर रोगियों की मदद कर सकें। डॉ. इंतजार हुसैन ने बताया कि यह जागरूकता कार्यक्रम केवल पुलिस प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने यह भी कहा कि पुलिस लाइन में प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों को टीबी के प्रति जागरूक करना न केवल उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में टीबी के उन्मूलन के प्रयासों को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे अपने परिवार और आसपास के समुदाय को भी टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार की जानकारी दें, जिससे संक्रमण को रोकने में मदद मिल सके।
इस जागरूकता कार्यक्रम में लगभग सभी प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मी उपस्थित रहीं और उन्होंने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछकर अपनी समझ बढ़ाई। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना नहीं बल्कि प्रशिक्षुओं को समाज में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना भी था। इस पहल से पुलिस प्रशिक्षण में शामिल महिला कर्मियों में टीबी के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, जो उनके पेशेवर और सामाजिक जीवन दोनों में उपयोगी साबित होगी।