नागपुर दंगे की अस्ल वजह फिल्म छावा , मौलाना शहाबुद्दीन ने पाबंदी लगाने की मांग की
रिपोर्ट - सैयद मारूफ अली

बरेली : मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पत्र में लिखा है कि फिल्म “छावा” जब से रिलीज हुई है, तब से देश का माहौल खराब हो रहा है। फिल्म “छावा” में औरंगजेब बादशाह की तस्वीर को हिंदू विरोधी दिखाकर हिंदू नौजवानों को उत्तेजित किया गया और भड़काया गया है।
यही वजह है कि जगह जगह हिंदू संगठनों के नेता औरंगजेब बादशाह के सम्बन्ध में हेट स्पीच दे रहे हैं। इसकी वजह से 17 मार्च 2025 को नागपुर में सम्प्रदायिक दंगा हो गया, जो निहायत ही अफसोसनाक बात है, मैंने फ़ौरन ही मीडिया के द्वारा अमन व शांति की अपील की और नागपुर के उलमा और मस्जिद के इमामों से रात भर सम्पर्क करके माहौल को शांत करने में लगा रहा, इमामों के जारिए माहौल को अच्छा बनाने में अंत तक जद्दोजहद की।
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फिल्म छावा पर प्रतिबंध की मांग
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि हम मांग करते हैं कि फिल्म “छावा” पर जल्द पर जल्द प्रतिबंध लगाएं, और उसके डायरेक्टर, प्रड्यूसर और राइटर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करें। ताकि भाविष्य में कहीं दूसरी जगह कोई दंगा फसाद न हो।
औरंगजेब सिर्फ एक शासक थे
मैं आपको ये भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि भारत का मुसलमान औरंगजेब बादशाह को अपना रहनुमा नहीं मानता है। उनको हम सिर्फ एक शासक मानते हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा फिल्म छावा ने औरंगजेब के खिलाफ गुस्से को भड़काया
नागपुर में 17 मार्च 2025 को हुई हिंसा के पीछे फिल्म “छावा” को एक अप्रत्यक्ष कारक माना जा सकता है, लेकिन यह हिंसा की सीधी वजह नहीं थी। “छावा” एक मराठी फिल्म है जो छत्रपति संभाजी महाराज की कहानी पर आधारित है और इसमें औरंगजेब के साथ उनके संघर्ष को दर्शाया गया है। इस फिल्म के रिलीज होने से औरंगजेब के प्रति ऐतिहासिक गुस्सा और भावनाएं उभरीं, जिसने शहर में पहले से मौजूद तनाव को बढ़ाने में भूमिका निभाई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी विधानसभा में कहा कि फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों के गुस्से को भड़काया, जिससे माहौल गरम हुआ।
VHP और बजरंग दल का प्रदर्शन हिंसा की मुख्य वजह
हालांकि, हिंसा की मुख्य वजह विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के प्रदर्शन थे, जो औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान एक अफवाह फैली कि मुस्लिम समुदाय की पवित्र किताब कुरान को जलाया गया, जिसके बाद दो गुटों में झड़प शुरू हो गई। पुलिस और अधिकारियों के अनुसार, यह अफवाह हिंसा का तात्कालिक कारण बनी, जिसमें पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ हुई।सारांश में, छावा ने भावनात्मक पृष्ठभूमि तैयार की हो सकती है, लेकिन हिंसा का प्रत्यक्ष कारण प्रदर्शन और उससे जुड़ी अफवाहें थीं। यह घटना सुनियोजित भी लगती है, जैसा कि सीएम फडणवीस ने संकेत दिया, पर फिल्म को अकेले जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा।