यूजीसी काला बिल लागू होने पर कायस्थ महासभा सड़कों पर उतरेगी: मुकेश सक्सेना

बरेली। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने यूजीसी काला बिल को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि यह महाविद्यालयों में लागू किया गया, तो समाज सशक्त रूप से विरोध करेगा। यह निर्णय महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया, जो बदायूँ रोड स्थित अनुपम नगर के मुख्यालय पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने की।
बैठक में अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने कहा कि विभिन्न सरकारों ने आरक्षण के नाम पर समाज को बांटकर दलगत राजनीति को बढ़ावा दिया है, जिसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम सामान्य वर्ग को भुगतना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब यदि विद्यालयों और महाविद्यालयों में सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया, तो कायस्थ समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महासभा एकजुट होकर यूजीसी काला बिल के खिलाफ संघर्ष करेगी और आवश्यकता पड़ने पर सड़कों पर आंदोलन भी किया जाएगा।
बैठक में महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारी सुधीर मोहन, राजेश सक्सेना, संतोष सक्सेना, मीरा मोहन, मंजू लता, सुनील कुमार सक्सेना, अमित आनंद, अक्षय कुमार बिसारिया, अभिषेक सक्सेना, अंश सक्सेना, मनोहर लाल जौहरी, शिवाजी सक्सेना और रजनी सक्सेना सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। उपस्थित सदस्यों ने अध्यक्ष के विचारों का समर्थन किया और समाज की भविष्य सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के अंत में मुकेश सक्सेना ने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महासभा समाज के हित और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय रहेगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि समाज के बच्चों के शैक्षिक और सामाजिक हितों की रक्षा करना महासभा की प्राथमिकता है।
कायस्थ महासभा की यह बैठक इस बात का संदेश देती है कि यूजीसी काला बिल जैसे कदमों के खिलाफ समाज एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने को तैयार है। महासभा के नेतृत्व में आने वाले समय में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन की संभावना बनी हुई है।



