जामुन के पेड़ से लटका मिला ग्रामीण का शव, पुलिस ने शुरू की जांच

बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बिजामऊ में 40 वर्षीय संजीव कुमार का शव जंगल में जामुन के पेड़ से लटका हुआ मिला। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी है।
खेत जाने की बात कहकर निकले थे संजीव
संजीव कुमार, जो गांव में खेती-बाड़ी का काम करते थे, बुधवार सुबह 9 बजे नाश्ते के बाद खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक उनके वापस न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। संजीव की पत्नी सुमन ने पड़ोस में रहने वाले उनके भाइयों को सूचना दी। रातभर तलाश के बाद भी संजीव का पता नहीं चला। गुरुवार सुबह ग्रामीणों की मदद से फिर से खोज शुरू की गई, तब जामुन के पेड़ से उनका शव लटकता मिला।
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पुलिस-फॉरेंसिक टीम सक्रिय, आत्महत्या की आशंका
सूचना मिलते ही हाफिजगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्ष मोदी ने बताया, “प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह के चलते आत्महत्या की बात सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।” शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पत्नी ने कहा- “कुछ दिनों से गुमसुम थे”
संजीव की पत्नी सुमन ने बताया कि उनके पति पिछले कुछ दिनों से चुपचाप रहने लगे थे। उन्होंने कहा, “उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी, लेकिन वह कुछ परेशान से लग रहे थे।” संजीव अपने पीछे सुमन और दो बच्चों—10 साल के संचित और 8 साल के ऋषि—को छोड़ गए हैं। अब इन बच्चों की परवरिश सुमन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
गांव में दहशत, ग्रामीणों में चर्चाएं तेज
इस घटना के बाद गांव बिजामऊ में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की बातें हो रही हैं। कुछ इसे मानसिक तनाव से जोड़ रहे हैं, तो कुछ पारिवारिक विवाद की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की है।
क्या है पूरा सच?
संजीव की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वाकई आत्महत्या थी, या इसके पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा है? पुलिस और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही इस घटना का सच सामने आएगा। फिलहाल, यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता का विषय बन गई है।