सौगात-ए-मोदी: ईद पर मुसलमानों को तोहफा, नफरत फैलाने वालों को जवाब

बरेली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईद-उल-फितर के मौके पर गरीब मुसलमानों को “सौगात-ए-मोदी” के रूप में दिया जाने वाला तोहफा चर्चा का विषय बना हुआ है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है। उन्होंने इसे न सिर्फ एक सकारात्मक कदम बताया, बल्कि उन लोगों के लिए करारा जवाब भी करार दिया जो नफरत फैलाने और हिंदू-मुसलमानों के बीच टकराव पैदा करने की सियासत करते हैं।
सौगात-ए-मोदी: एक अनोखी पहल
मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि “सौगात-ए-मोदी” गरीब मुसलमानों के लिए ईद का एक खूबसूरत तोहफा है। इस पैकेट में खाने-पीने की चीजें जैसे सिवईयां, ड्राई फ्रूट, खजूर, चीनी और कपड़े शामिल हैं। यह योजना देशभर में 32 लाख जरूरतमंद मुस्लिम परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। मौलाना ने कहा, “ये तोहफा अपने आप में उन लोगों के लिए जवाब है जो नफरत फैलाने, भड़काने और उकसाने का काम करते हैं। ये उन सियासतदानों को भी सबक है जो हिंदू और मुसलमानों के दरमियान टकराव की दीवार खड़ी करने की कोशिश करते हैं।
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“नफरत के खिलाफ सकारात्मक सोच की पहल
मौलाना ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम मुसलमानों के दिलों में एक सकारात्मक सोच पैदा करेगा। “मोदी जी का ये फैसला दिखाता है कि वो मुसलमानों से अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं। इस तोहफे से ये संदेश जाता है कि सरकार सबका साथ और सबका विकास चाहती है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहल उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो समाज में नफरत और फूट डालने की कोशिश करते हैं। मौलाना के मुताबिक, “सौगात-ए-मोदी” से मुसलमानों में भाईचारे और एकता की भावना मजबूत होगी।
मोदी का मुस्लिम देशों से रिश्ता
मौलाना शाहबुद्दीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुस्लिम देशों के साथ रिश्तों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने सबसे ज्यादा मुस्लिम मुल्कों की सैर की है। वहां उनका जोरदार इस्तकबाल हुआ। अरब देशों ने उन्हें अपने सबसे बड़े सम्मान से नवाजा। ये सारी बातें बताती हैं कि मोदी जी मुसलमानों के साथ अच्छे ताल्लुकात रखते हैं।” मौलाना ने इस बात पर जोर दिया कि “सौगात-ए-मोदी” इसी सोच का नतीजा है, जिसके तहत ईद के मौके पर लाखों गरीब मुसलमानों को खुशियां बांटी जा रही हैं।
क्या है “सौगात-ए-मोदी” में?”
सौगात-ए-मोदी” किट में ईद के त्योहार को खास बनाने के लिए कई जरूरी चीजें शामिल की गई हैं। इसमें सिवईयां, खजूर, ड्राई फ्रूट, चीनी और बेसन जैसी खाने-पीने की चीजें हैं, जो ईद की रौनक बढ़ाएंगी। इसके अलावा, महिलाओं के लिए सूट का कपड़ा और पुरुषों के लिए कुर्ता-पायजामा भी दिया जा रहा है। मौलाना ने कहा, “ये किट गरीब मुसलमानों के लिए एक नेमत है। इससे उनकी ईद और भी हसीन होगी।
“नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब
मौलाना शाहबुद्दीन ने अपने बयान में उन लोगों पर निशाना साधा जो हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत की आग भड़काते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोग हमेशा टकराव की सियासत करते हैं। वो हिंदू और मुसलमानों को लड़ाने की कोशिश में लगे रहते हैं। लेकिन सौगात-ए-मोदी जैसी पहल उनके मंसूबों पर पानी फेर देगी।” मौलाना ने यह भी कहा कि यह कदम समाज में अमन और मोहब्बत का पैगाम देता है।
मुस्लिम समाज में उत्साह
बरेली के मुस्लिम समाज ने भी इस योजना का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने ईद के मौके पर गरीबों के लिए इतना सोचा। एक महिला ने कहा, “इस किट से हमारी ईद की खुशी दोगुनी हो जाएगी।” वहीं, एक मस्जिद के इमाम ने कहा, “पहले किसी हुकूमत ने ऐसा नहीं किया। ये कदम मुसलमानों को मुख्यधारा से जोड़ेगा।
“निष्कर्ष”
सौगात-ए-मोदी” न सिर्फ एक तोहफा है, बल्कि एक संदेश भी है कि सरकार हर तबके के साथ खड़ी है। मौलाना शाहबुद्दीन रजवी का मानना है कि यह पहल नफरत फैलाने वालों को सबक सिखाएगी और मुसलमानों में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगी। यह कदम न केवल ईद की खुशियों को दोगुना करेगा, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता को भी मजबूत करेगा।