पॉलीग्राफ से पहले फरार कातिल गिरफ्तार: 16 वर्षीय किशोरी हत्याकांड का खुलासा, 2017 में ‘डॉक्टर’ की पत्नी की हत्या भी कबूली

बरेली। थाना क्योलड़िया क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी की गुमशुदगी का मामला दोहरे हत्याकांड के सनसनीखेज खुलासे के साथ सामने आया है। पॉलीग्राफ टेस्ट से ठीक पहले फरार हुआ मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में उसने न सिर्फ किशोरी की हत्या स्वीकार की, बल्कि वर्ष 2017 में एक तथाकथित डॉक्टर की पत्नी की हत्या में भी अपनी संलिप्तता कबूल की है। खुलासे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत थाना क्योलड़िया पुलिस ने ग्राम सतवन पट्टी निवासी सलीम हुसैन (22) और ग्राम पडोली निवासी आसिम उर्फ अमित उर्फ डॉ. बंगाली को 11 फरवरी को भौआ बाजार के पास बौरिया कट से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में थे और किसी से पैसों का इंतजार कर रहे थे।
मामले की शुरुआत 8 जनवरी 2025 को हुई, जब अजीज अहमद ने अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई। महीनों तक कोई सुराग न मिलने पर पीड़ित पिता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की। इसके बाद सर्विलांस, साइबर सेल और एसओजी की टीमें सक्रिय की गईं। सितंबर 2025 में कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत से मानव अवशेष बरामद हुए, जिनकी डीएनए जांच में पुष्टि हुई कि वे लापता किशोरी के ही हैं। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड से सलीम पर शक गहराया। उसे दिल्ली स्थित सीएफएसएल में पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए बुलाया गया था, लेकिन नोटिस मिलते ही वह फरार हो गया।
गिरफ्तारी के बाद सलीम ने पुलिस को बताया कि उसने किशोरी को बुलाकर विवाद के दौरान गला दबाकर हत्या कर दी और शव गन्ने के खेत में फेंक दिया। बाद में सबूत मिटाने के लिए खोपड़ी और मोबाइल फोन नदी में बहा दिया। पूछताछ में उसने 2017 में आसिम उर्फ डॉ. बंगाली के साथ मिलकर उसकी पत्नी रजनी की हत्या करने की बात भी स्वीकारी। आरोप है कि दोनों ने शराब पिलाकर गला घोंटा और शव को नदी किनारे दफना दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क और पुराने मामलों की गहराई से जांच कर रही है। दोनों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।



