पीपरीया में मस्जिद पर चला बुल्डोजर, नमाज़ के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज

बरेली। जनपद बरेली के थाना भोजीपुरा क्षेत्र स्थित गांव पीपरीया में ग्राम समाज की भूमि पर बनी मस्जिद पर प्रशासन द्वारा बुल्डोजर चलाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना की सूचना मिलते ही आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी गांव पहुंचे और गिराई गई मस्जिद का निरीक्षण कर ग्रामीणों से विस्तृत बातचीत की। इसके बाद जारी बयान में उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को न्यायोचित प्रक्रिया के विपरीत बताया और नमाज़ के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि मस्जिद वर्ष 1990 में तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा मस्जिद के नाम किए गए पट्टे के आधार पर स्थापित की गई थी। टीन शेड डालकर नमाज़ की व्यवस्था की गई थी और वर्षों से ग्रामीण वहां इबादत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 से इस भूमि को लेकर न्यायालय में वाद चल रहा है, जो वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है।
मौलाना का आरोप है कि मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद प्रशासन ने बल प्रयोग करते हुए मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सामान्यतः किसी निर्माण को गिराने से पूर्व संबंधित पक्ष को पर्याप्त समय देते हुए विधिवत नोटिस दिया जाता है, ताकि वह अपना पक्ष रख सके। उनके अनुसार यहां तोड़फोड़ से लगभग 15 मिनट पूर्व दीवार पर नोटिस चस्पा कर औपचारिकता पूरी की गई और बाद में उसे हटा लिया गया, जो कानून की भावना के विपरीत है।

आल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रवक्ता डॉ. अनवर रज़ा कादरी ने बताया कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल मौलाना रज़वी के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर मांग करेगा कि पीपरीया गांव के मुस्लिम समुदाय को नमाज़ अदा करने के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना निकट है और इस दौरान नमाज़ व रोज़े का विशेष महत्व होता है।
गांव के दौरे के दौरान मौलाना के साथ ताहिर हुसैन एडवोकेट, शाहिद एडवोकेट, अदनान हुसैन और डॉ. अनवर रज़ा कादरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।



