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बरेली में खनन माफियाओं का आतंक, ग्रामीणों ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र के गांव ऊंचागांव में अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग खनन माफियाओं ने रातों-रात किसानों के खेतों को तालाब में बदल दिया। जेसीबी मशीनों और डंपरों से लगातार मिट्टी निकालने की घटनाओं से किसानों की फसल और जमीन को भारी नुकसान पहुंचा है।

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से मिट्टी उठाने से पहले न तो किसी ने मुआवजा दिया और न ही कोई सूचना दी। जब उन्होंने खनन के खिलाफ आवाज उठाई तो माफियाओं द्वारा धमकाने का भी आरोप लगाया गया। पीड़ित किसानों ने बताया कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन अवैध खनन के कारण उनकी जमीन बर्बाद हो गई है।

इस गंभीर स्थिति को लेकर ग्रामवासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों में जितेंद्र पाल, प्रकाश चंद, रामोतार, अमन, अर्जुन, सुनीता, कृष्णा, सुमन, मेवाराम, तोताराम, मुरारीलाल, छत्रपाल, तेजपाल, पवन कुमार और धर्मेंद्र शामिल थे। ग्रामवासी निशा ने कहा, “हमारे खेतों से बिना बताए मिट्टी उठा ली गई। अब खेत तालाब बन गए हैं, हमें न्याय चाहिए।”

स्थानीय लोग बताते हैं कि अवैध खनन से गांव का पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है और पानी का स्तर घट रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए तो खनन माफियाओं के खिलाफ उनका विरोध और तेज होगा।

बरेली प्रशासन ने फिलहाल इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन ग्रामीण कार्रवाई की तत्काल अपेक्षा कर रहे हैं। मामले पर स्थानीय अधिकारियों की नज़र बनी हुई है और आने वाले दिनों में खनन पर नियंत्रण लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की संभावना है।

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