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ओवैसी के बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का कड़ा रुख, समाज को भड़काने का आरोप

बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने नकाब वाली महिला को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी। मौलाना रजवी ने ओवैसी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने हमेशा उकसाने और भड़काने वाली बातें की हैं, जबकि समाज की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

मौलाना रजवी ने कहा कि अब तक उन्होंने ओवैसी की जुबान से एजुकेशन, स्वास्थ्य, रोजगार और नौजवानों के लिए सकारात्मक संदेश सुनते हुए कभी नहीं देखा। उनका कहना है कि मुसलमानों के लिए जज्बाती बयान देना और भावनाओं को भड़काना आम बात बन गई है, लेकिन इससे समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी को अब अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल समाज की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए करना चाहिए।

मौलाना रजवी ने जोर देकर कहा कि भड़काने वाली बातें समाज के ताने-बाने को कमजोर कर रही हैं। चाहे मुख्यमंत्री कोई भी बने, नकाब वाली महिला या साड़ी वाली महिला, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। समाज के हित में जरूरी यह है कि नेता एजुकेशन, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे क्षेत्रों में काम करें और जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान करें।

उन्होंने ओवैसी से अपील की कि वे अब अपनी राजनीतिक भाषण शैली में बदलाव लाएं और जज्बाती बयानबाजी को छोड़कर सकारात्मक और उत्पादक पहल करें। मौलाना रजवी ने कहा कि ओवैसी को अपने अनुयायियों से भी यह अपेक्षा करनी चाहिए कि वे भड़काऊ और उकसाने वाली बातें न फैलाएं, बल्कि समाज की भलाई के लिए सक्रिय हों।

इस अवसर पर मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि नेताओं को जनता की बुनियादी जरूरतों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केवल भावनाओं पर आधारित राजनीति से समाज को कोई स्थायी लाभ नहीं होगा और इससे सामाजिक समरसता पर भी असर पड़ सकता है।

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