कैंट क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई, 20 से अधिक ढांचे ध्वस्त

बरेली। कैंट क्षेत्र में शनिवार को कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 20 घरों, झोपड़ियों और अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई पहले से जारी चेतावनियों और नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
कैंट बोर्ड की टीम शनिवार सुबह धोपेश्वर नाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्र में पहुंची, जहां लंबे समय से अवैध रूप से बने घर, टीनशेड दुकाने और अस्थायी ढांचे खड़े थे। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इन सभी निर्माणों को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था और संबंधित लोगों को 15 दिन का नोटिस देकर स्वेच्छा से कब्जा हटाने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बावजूद जब निर्माण नहीं हटे तो आज बुलडोजर चलाने का निर्णय लिया गया।

कार्रवाई के दौरान कई लोग अपने सामान को हटाते और टूटते ढांचों के बीच घरेलू सामान समेटते नजर आए। देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया और टीम के साथ बहस तथा धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि मौके पर पहले से तैनात भारी पुलिस बल और प्रशासनिक सतर्कता के चलते हालात को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में अवैध कब्जों की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी और कई बार शिकायतें की गई थीं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कार्रवाई की आशंका पहले से थी, इसलिए कई परिवार पहले ही तैयारी में लगे हुए थे। वहीं, कुछ प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई स्पष्ट नोटिस नहीं दिया गया और उन्हें सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिला।

कैंटोमेंट बोर्ड के अधिकारी मनोज यादव ने बताया कि बोर्ड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे न सिर्फ यातायात प्रभावित हो रहा था बल्कि सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित लोगों को नियमानुसार 15 दिन पहले नोटिस जारी किया गया था और इसकी जानकारी मौके पर भी दी गई थी। इसके बावजूद जब कब्जे नहीं हटाए गए तो मजबूरन यह कार्रवाई करनी पड़ी।
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और भविष्य में भी किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, प्रभावित परिवार अब अपने भविष्य को लेकर चिंता में नजर आ रहे हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद कैंट क्षेत्र में अवैध कब्जों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।



