बरेली में ईद के दिन प्रेम प्रसंग से भड़की हिंसा: पथराव और तनाव के बीच पुलिस अलर्ट

बरेली : जिले के थाना इज्जतनगर क्षेत्र के गांव मुड़िया अहमदनगर में ईद के दिन देर शाम दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प की घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। यह विवाद एक प्रेम प्रसंग को लेकर शुरू हुआ, जिसमें एक हिंदू युवक द्वारा मुस्लिम युवती को भगा ले जाने की बात सामने आई। इस घटना ने गांव में तूल पकड़ लिया, जिसके पीछे दो ग्राम प्रधानों की आपसी रंजिश को भी मुख्य कारण बताया जा रहा है। बताया जा रहा है दोनों ग्राम प्रधान जो पहले से ही प्रधानी को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ रंजिश रखते थे, इस मामले में अलग-अलग पक्षों का समर्थन करते नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला एक हिंदू युवक और मुस्लिम युवती के प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। युवक द्वारा युवती को भगा ले जाने की घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया। गांव में पहले दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन किसी बात को लेकर अचानक विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते यह झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों में पथराव, लाठी-डंडों का इस्तेमाल शुरू हो गया। हालात तब और बिगड़ गए, जब एक समुदाय के लोगों ने दूसरे समुदाय के कुछ लोगों को उनके घरों में घुसकर पीटा। इस हिंसक झड़प में एक पक्ष के चार लोग और दूसरे पक्ष का एक व्यक्ति घायल हो गया। घायलों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
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ग्राम प्रधानों की रंजिश ने बढ़ाया तनाव
इस घटना का एक बड़ा कारण गांव के दो ग्राम प्रधानों की आपसी दुश्मनी को भी माना जा रहा है। दोनों ग्राम प्रधान जो एक ही समुदाय के हैं जो लंबे समय से प्रधानी के मुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ हैं, इस विवाद में अलग-अलग पक्षों के साथ खड़े दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दोनों की रंजिश ने मामले को और भड़काने का काम किया। बातचीत के दौरान शुरू हुआ विवाद जब हिंसक रूप लेने लगा, तो दोनों पक्षों के समर्थक भी इसमें कूद पड़े, जिससे स्थिति और बेकाबू हो गई। गांव में ईंट-पत्थर चलने और मारपीट की घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
पुलिस का दावा: फायरिंग की सूचना गलत
घटना की सूचना मिलते ही इज्जतनगर थाना पुलिस सहित कई अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने गांव में पहुंचे। कुछ लोगों ने फायरिंग की बात कही, लेकिन एसपी सिटी मानुष पारीक ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि फायरिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार, घायलों की चोटें सामान्य हैं और ये पथराव या मारपीट की वजह से आई हैं, न कि गोली लगने से। सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।

सख्त कार्रवाई का आश्वासन
एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि इस मामले में गंभीर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न करे। उन्होंने इसे एक नजीर बनाने की बात कही, जिससे कानून-व्यवस्था का पालन सुनिश्चित हो सके। फिलहाल, गांव में किसी बड़ी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति को सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।
मुड़िया अहमदनगर की इस घटना ने एक बार फिर सामुदायिक तनाव और व्यक्तिगत रंजिश के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई, लेकिन यह घटना गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने की चुनौती को सामने लाती है।