प्रभारी निरीक्षक राम रतन सिंह की तत्परता से बची जान, आत्महत्या का प्रयास करने वाला युवक गिरफ्तार

बरेली : जनपद के सिरौली थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा अवैध तमंचे से आत्महत्या के प्रयास की घटना में प्रभारी निरीक्षक राम रतन सिंह की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक जान बचाई, बल्कि अवैध हथियार के खिलाफ भी कड़ा संदेश दिया। घटना में युवक के कब्जे से एक 315 बोर तमंचा, एक मिस हुआ कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
घटना का विवरण
सिरौली थाना पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम व्यौधन खुर्द का निवासी संदीप सागर पुत्र सुखलाल अपने घर की छत पर एक अवैध तमंचा लेकर खड़ा है और खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राम रतन सिंह ने तुरंत अपनी टीम को सक्रिय किया। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि संदीप हाथ में तमंचा लिए छत पर मौजूद है और आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए राम रतन सिंह ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना बनाई।
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राम रतन सिंह की सूझबूझ भरी रणनीति
प्रभारी निरीक्षक राम रतन सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर एक सटीक और सुरक्षित रणनीति तैयार की। उन्होंने मकान के पिछले रास्ते से छत तक पहुंचने का फैसला किया ताकि संदीप को भनक न लगे और वह कोई गलत कदम न उठा सके। कांस्टेबल सतेंद्र कुमार और कांस्टेबल निशांत चौधरी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। राम रतन सिंह के नेतृत्व में टीम ने अत्यंत सावधानी और सतर्कता के साथ बुधवार सुबह 8:55 बजे संदीप को काबू में कर लिया। इस दौरान उसके पास से एक अवैध 315 बोर तमंचा, जिसमें नाल में एक मिस हुआ कारतूस फंसा था, और एक जिंदा 315 बोर कारतूस बरामद हुआ।
पुलिस टीम की भूमिका
राम रतन सिंह की अगुवाई में इस ऑपरेशन में उपनिरीक्षक रामवीर सिंह, उपनिरीक्षक नंद किशोर, कांस्टेबल मूलचंद्र, कांस्टेबल गौरव शर्मा, कांस्टेबल निशांत चौधरी और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल थे। प्रभारी निरीक्षक ने टीम के हर सदस्य को उनकी जिम्मेदारी स्पष्ट की और सभी ने एकजुट होकर इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को संभाला। उनकी तत्परता और समन्वय ने संदीप की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
कानूनी कार्रवाई
संदीप सागर को गिरफ्तार करने के बाद थाना सिरौली में मुकदमा संख्या 121/25 दर्ज किया गया। यह मामला धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत पंजीकृत हुआ, क्योंकि उसके पास अवैध हथियार था। राम रतन सिंह ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आत्महत्या के प्रयास का कारण
जांच में पता चला कि संदीप सागर एक मुकदमे के कारण तनाव में था। इस मुकदमे में एक नाबालिग किशोरी ने पहले उसके पक्ष में बयान दिया था, लेकिन बाद में कोर्ट में मुकदमे के ट्रायल के दौरान उसके खिलाफ बयान दिए । संदीप खुद को निर्दोष बताता रहा और किशोरी से एक बार बात करने की इच्छा रखता था। इस मामले के बाद उसके पिता भी उससे नाराज थे, जिससे उसका मानसिक दबाव बढ़ गया। इसी वजह से उसने आत्महत्या का घातक कदम उठाने की कोशिश की।
राम रतन सिंह का बयान
प्रभारी निरीक्षक राम रतन सिंह ने कहा, “हमें सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। हमारा पहला लक्ष्य संदीप की जान बचाना था, जो हमारी टीम की सूझबूझ से संभव हो सका। अवैध हथियार के खिलाफ भी हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी परेशानी में पुलिस और कानून का सहारा लें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
सामाजिक संदेश और चुनौतियां
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और कानूनी जटिलताओं के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। राम रतन सिंह की तत्परता ने न केवल एक जान बचाई, बल्कि पुलिस की सक्रियता का उदाहरण भी पेश किया। साथ ही, यह सवाल उठता है कि अवैध हथियार इतनी आसानी से लोगों के हाथों में कैसे पहुंच रहे हैं। पुलिस अब इस तमंचे के स्रोत की जांच में जुटी है।
निष्कर्ष
प्रभारी निरीक्षक राम रतन सिंह की अगुवाई में बरेली पुलिस ने एक बार फिर अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का परिचय दिया। संदीप सागर की जान बचाने के साथ-साथ अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया। यह घटना हमें यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि युवाओं को मानसिक तनाव से बचाने के लिए सामाजिक और कानूनी स्तर पर और क्या कदम उठाए जाने चाहिए। संदीप का मामला अब कोर्ट में है, जहां उसकी मुकद्दर का फैसला होगा।