ओवरब्रिज निर्माण के चलते रास्ता बंद होने पर भाकिमयू राष्ट्रवादी का जोरदार प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
बरेली। फरीदपुर में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान मुख्य रास्ता बंद किए जाने से आमजन की बढ़ती परेशानियों को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन (राष्ट्रवादी) ने कड़ा रुख अपनाया। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष करन सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की।
करन सिंह यादव ने बताया कि फरीदपुर कस्बे के पीताम्बरपुर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते रेलवे क्रॉसिंग संख्या 352-सी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। इस फैसले से फरीदपुर की लगभग 20 हजार की आबादी के साथ-साथ आसपास के सैकड़ों गांवों के लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोगों को दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। तहसील, ब्लॉक, न्यायालय, आईटीआई कॉलेज, डायट कॉलेज, कोतवाली समेत अन्य सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति पैदल यात्रियों की है, जिनके लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है। मजबूरी में लोग रेलवे लाइन पार कर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। हाल ही में रेलवे लाइन पार करते समय एक महिला की कटकर मौत होने की घटना ने स्थिति की भयावहता को उजागर कर दिया है।
ज्ञापन में मांग की गई कि मंडल रेल प्रबंधक मुरादाबाद और सेतु निगम उत्तर प्रदेश को निर्देशित कर तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता बनवाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इसके साथ ही लाइन पार बुखारा रोड स्थित ताज पंप के सामने नई बस्ती में घरों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन को हटाने की मांग भी उठाई गई। संगठन का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।
इसके अलावा किसानों की विरासत दर्ज न होने और तूदाबंदी से संबंधित आवेदन वर्षों से लंबित पड़े होने का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए सभी समस्याओं पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में वेद प्रकाश, राजेंद्र कुमार, गुड्डू यादव, हरि शरण, रामप्यारे, राजेंद्र सिंह, विनोद यादव, सत्यम, सुभाष सहित करन सिंह यादव और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



