जंतर-मंतर पर 9 से 11 मार्च तक आंदोलन करेंगे ईपीएस-95 पेंशनर्स, 7500 रुपये न्यूनतम पेंशन की मांग

बरेली। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले पेंशनर्स ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 9 से 11 मार्च तक जंतर-मंतर, नई दिल्ली में तीन दिवसीय आंदोलन करने का निर्णय लिया है। यह फैसला समिति की बरेली मंडल की मासिक बैठक में लिया गया, जो पुराने बस स्टेशन रोडवेज परिसर में मंडल अध्यक्ष ओ.पी. शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे पेंशनर्स ने आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में 7500 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन के साथ महंगाई भत्ता (डीए) लागू करना, पति-पत्नी के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, योजना से वंचित सदस्यों को 5000 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देना तथा न्यूनतम पेंशन लाभ सुनिश्चित करना शामिल है। पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
मंडल अध्यक्ष ओ.पी. शर्मा ने कहा कि ईपीएफओ कोष में जमा अंशदान और अनक्लेम धनराशि के ब्याज से पेंशनर्स की मांगें आसानी से पूरी की जा सकती हैं, बावजूद इसके सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। मंडल समन्वयक राम लांबा ने चेतावनी दी कि पेंशनर्स के शांतिपूर्ण संघर्ष को कमजोरी न समझा जाए। उपाध्यक्ष चिरंजीव गौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व व कई सांसदों ने संसद में यह मुद्दा उठाया है। वहीं उपाध्यक्ष बेचे लाल वर्मा ने कहा कि लाखों पेंशनर्स अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष को तैयार हैं।
बैठक में बदायूँ, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बरेली से आए करीब 100 पेंशनर्स ने भाग लिया। संचालन आर.एस. गुप्ता ने किया।