BareillyLatestReligionSocial ViralUttar Pradesh

ईद पर पेड़-पौधों का वितरण और रोपण: पर्यावरण संरक्षण के साथ त्योहार की खुशियां

रिपोर्ट - सैयद मारूफ अली

बरेली: ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर बरेली में जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने अपनी टीम के साथ मिलकर नमाजियों को पौधे बांटे और नमाज के बाद नोमहला परिसर में पौधारोपण का आयोजन किया। इस पहल के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

IMG 20250331 WA0041

पौधारोपण और समाज सेवा की अनूठी पहल

ईद के इस मुबारक मौके पर जनसेवा टीम ने नमाजियों के बीच पौधे बांटकर एक अनूठा उदाहरण पेश किया। टीम के अध्यक्ष पम्मी खां वारसी ने कहा कि ईद का त्योहार हमें जरूरतमंदों की मदद करने और आपसी मोहब्बत का पैगाम देता है। उन्होंने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे में जमीन को हरा-भरा रखना बेहद जरूरी है। पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं, बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए नोमहला परिसर में पौधारोपण किया गया।

पम्मी खां वारसी ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं। इसके साथ ही उन्होंने परिंदों की भूख-प्यास का ख्याल रखने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग अपनी छतों पर मिट्टी के बर्तनों में दाना और पानी रखें, ताकि गर्मी में परिंदों को राहत मिल सके। इस मौके पर हाजी साकिब रजा खां, नईम खान, मौलाना हसन रजा, कमाल मियां, अमान, रोमान अहमद, डोबी, नन्ना मियां सहित बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद रहे।

ईद की नमाज और दुआ का आयोजन

ईद की नमाज सादगी और श्रद्धा के साथ अदा की गई। मस्जिद नोमहला शरीफ के इमाम मुफ्ती अब्दुल बाकी ने नमाज-ए-ईद-उल-फितर का खुतबा सुनाया। खुतबे में उन्होंने ईद के महत्व और इस्लाम के संदेशों पर प्रकाश डाला। नमाज के बाद खुसूसी दुआ का आयोजन किया गया, जिसमें मुल्क और आवाम की सलामती, खुशहाली, तरक्की, कामयाबी, खैर ओ बरकत, कौमी एकता और भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई। इसके साथ ही बीमारों की शिफा के लिए भी दुआ मांगी गई।

हजारों नमाजियों ने नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने भी नमाजियों से मुलाकात की और उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं। यह पल आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बना।

दरगाह पर ईद की रौनक और सिवइयों का वितरण

ईद के इस मौके पर दरगाह नासिर मियां रहमतुल्लाह अलैह पर भी विशेष आयोजन हुआ। यहां लोगों को सिवइयां खिलाकर दुआएं खैर की गईं। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी दी और ईद की खुशियां मनाईं। इस अवसर पर हजरत शाने कमाल मियां नासरी साबरी, सूफी वसीम मियां, नईम अहमद, सलीम साबरी, आकिल पहलवान, कल्लन मियां जैसे प्रमुख लोग शामिल रहे। दरगाह परिसर में भक्ति और एकता का माहौल देखने को मिला।

पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

ईद का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है। पेड़-पौधे बांटने और रोपण की पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहारों के साथ-साथ हमें अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए भी कदम उठाने चाहिए। पम्मी खां वारसी की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई है।

ईद-उल-फितर का यह त्योहार बरेली में न केवल खुशियों और भाईचारे का प्रतीक बना, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का माध्यम भी बना। पौधारोपण और परिंदों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जैसी पहल ने इस ईद को और भी खास बना दिया। यह आयोजन दर्शाता है कि धार्मिक उत्सवों के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को निभाना भी जरूरी है।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

error: Content is protected !!