होली के अगले दिन परीक्षा आयोजित न करने की मांग, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील

बरेली। हिंदू समाज के प्रमुख पर्व होली के अवसर पर कुछ निजी और अन्य विद्यालयों में अगले दिन परीक्षा आयोजित किए जाने को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। इस संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि होली हिंदुओं का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है, जिसे पूरे उत्साह और सामाजिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है। ऐसे में होली के अगले दिन परीक्षा निर्धारित किए जाने से छात्रों और अभिभावकों की भावनाएं आहत हो रही हैं और त्योहार का उल्लास प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 4 मार्च को होली का पर्व है और 5 मार्च को हार्टमैन कॉलेज में परीक्षा निर्धारित थी, जिसे आपत्ति जताए जाने पर स्थगित कर दिया गया। हालांकि, जानकारी मिली है कि केंद्रीय विद्यालय और महानगर के कुछ अन्य विद्यालयों में 5 मार्च को परीक्षा प्रस्तावित है।
विश्व हिंदू परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए होली के अगले दिन किसी भी विद्यालय में परीक्षा आयोजित न की जाए और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ज्ञापन देने के समय आशु अग्रवाल, संजय शुक्ला, दिव्य चतुर्वेदी, कपिल चंदानी, कमलेश वर्मा, शोभित मिश्रा सहित अन्य समाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि त्योहार के बाद छात्रों को मानसिक रूप से तैयार होने और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलना चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है, और विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव के साथ-साथ त्योहार का उल्लास भी अनुभव करने का अधिकार है। प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन संगठन ने आशा जताई है कि जल्द ही सभी विद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाएंगे।
यह कदम शिक्षा और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



