संविदा सफाई कर्मचारी अंकित की संविदा समाप्त: फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत में कार्रवाई

बरेली, 25 मार्च 2025: फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत में संविदा सफाई कर्मचारी अंकित की संविदा को समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शिवलाल राम द्वारा लिया गया, जब अंकित पर चेयरमैन प्रतिनिधि और सभासदों के साथ दुर्व्यवहार, धमकी देने और कार्य में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे। इस मामले में बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
आरोपों का आधार और शिकायत
जानकारी के अनुसार, अंकित पुत्र भूरेलाल, निवासी अगरास, पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। चेयरमैन प्रतिनिधि हारून चौधरी, सभासद प्रदीप गुप्ता सहित अन्य सभासदों ने बताया कि अंकित ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके अलावा, उस पर सफाई कर्मचारियों को वार्ड में काम करने से रोकने, उन पर दबाव डालने और दादागिरी दिखाने के भी आरोप हैं। सभासदों का कहना है कि अंकित ने अपने कर्तव्यों के प्रति लगातार लापरवाही बरती, जिससे नगर पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हुई। इन शिकायतों के आधार पर चेयरमैन इमराना बेगम और सभी सभासदों ने एकजुट होकर कार्रवाई की मांग की।
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बोर्ड की बैठक और प्रस्ताव
नगर पंचायत की बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में चेयरमैन इमराना बेगम, चेयरमैन प्रतिनिधि हारून चौधरी, वरिष्ठ लिपिक बेला देवी, सभासद अबोध सिंह, शराफत हुसैन, डॉ. मोइन उद्दीन अंसारी, जाकिर हुसैन, प्रेम कुमार कोरी, कृपाल सिंह, सतीश चंद्र महेश्वरी, धर्मेंद्र सिंह उर्फ मोनू ठाकुर, वसीर अहमद, वसीम अहमद, सभासद पति मौलाना मोहम्मद अहसन अंसारी, समीर अंसारी, नसरीन, सबीना बी सहित कई अन्य सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एकमत होकर अंकित की संविदा समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव को बरेली मंडलायुक्त, जिला अधिकारी, अपर जिलाधिकारी और मीरगंज एसडीएम को भेजा गया। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री एके शर्मा को भी लिखित शिकायती पत्र प्रेषित किया गया।
अधिशासी अधिकारी की कार्रवाई
प्रस्ताव और शिकायतों के आधार पर अधिशासी अधिकारी शिवलाल राम ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने अंकित को नोटिस जारी किया और उसकी संविदा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। इस कार्रवाई को नगर पंचायत प्रशासन ने अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अधिशासी अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें, और किसी भी तरह की लापरवाही या अभद्रता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभासदों और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
बैठक में मौजूद सभासदों और कर्मचारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया। चेयरमैन प्रतिनिधि हारून चौधरी ने कहा कि अंकित का व्यवहार अस्वीकार्य था और उसकी हरकतों से नगर पंचायत की छवि को नुकसान पहुंच रहा था। सभासद प्रदीप गुप्ता ने भी इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि यह अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक नजीर बनेगी। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अंकित की दादागिरी के कारण उनके लिए काम करना मुश्किल हो गया था।
भविष्य के लिए संदेश
इस घटना ने नगर पंचायत प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर किया कि कर्मचारियों के चयन और उनके कार्यों की निगरानी के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। चेयरमैन इमराना बेगम ने कहा कि नगर पंचायत का उद्देश्य क्षेत्र में स्वच्छता और सुशासन सुनिश्चित करना है, और इसके लिए सभी कर्मचारियों का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।फिलहाल, अंकित की संविदा समाप्ति के बाद नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए, बल्कि अन्य संविदा कर्मचारियों के लिए भी एक सबक है कि कर्तव्य से चूक और अभद्र व्यवहार के परिणाम गंभीर हो सकते हैं।