आमद-ए-रमज़ान से पहले मस्जिदों में साफ-सफाई और रंगरोगन तेज, नगर निगम से व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग

बरेली। माहे रमज़ान की आमद को लेकर शहर से लेकर देहात तक की मस्जिदों और इबादतगाहों में साफ-सफाई और रंगरोगन का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। जन्त्री के मुताबिक 19 फरवरी को पहला रोज़ा होने की संभावना है और रमज़ान शुरू होने में लगभग एक सप्ताह शेष है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय के लोग इबादतगाहों को संवारने में जुटे हैं।
सिविल लाइंस स्थित मस्जिद नोमहला शरीफ, दरगाह नासिर मियां, खन्नू मोहल्ले की मस्जिद दादा मियां, मलूकपुर की मस्जिद मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद, सुभाषनगर पुरवा बब्बन ख़ां की साबरी मस्जिद सहित पुराने शहर की कई मस्जिदों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। मस्जिदों में कालीनों की धुलाई, दीवारों की पुताई, वुज़ूखानों की सफाई और बिजली व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। इस जुमे के बाद अगला जुमा रमज़ान में ही अदा किया जाएगा।

जनसेवा टीम के अध्यक्ष एवं समाजसेवी पम्मी ख़ां वारसी ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि रमज़ान से पहले नाले-नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, सीवर लाइन की सफाई और टूटी सड़कों की मरम्मत तत्काल कराई जाए। उन्होंने कहा कि रमज़ान के दौरान बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में नमाज़ और तरावीह के लिए आते हैं, ऐसे में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त होना बेहद जरूरी है ताकि रोज़ेदारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



