हज़रत सूफी मुनीर मियां र•अ• का 6वां सलाना एक रोज़ा विसाली कुल अकीदत के साथ मनाया गया

बरेली। खानकाहे आलिया मोहम्मदिया क़दीरिया मस्जिद रफीकुल औलिया में सूफी बसाफा हज़रत मुनीर मियां र•अ• का 6वां सलाना एक रोज़ा विसाली कुल पूरी अकीदत, एहतराम और रूहानी माहौल में अदा किया गया। यह कुल शरीफ आज 10 जनवरी, दिन शनिवार को बमुताबिक चांद 20 रजब को संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत कर फातिहा और दुआएं कीं।
कुल शरीफ की रस्म के दौरान मस्जिद रफीकुल औलिया के इमाम हज़रत मौलाना मोहम्मद सलीम साहब ने खुसूसी तकरीर पेश की। उन्होंने हज़रत सूफी मुनीर मियां र•अ• की हयाते ज़िंदगी, उनकी सादगी, तक़वा, सूफियाना फिक्र और समाज को मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम देने वाली शिक्षाओं पर रोशनी डाली। तकरीर के दौरान उन्होंने कहा कि सूफी बुज़ुर्गों की तालीमात आज भी इंसानियत के लिए रहनुमा हैं।
महफ़िल में नातख्वानी का सिलसिला भी जारी रहा। नातख्वान हज़रात जनाब रिज़वान रफीकी ने शाहजी रफीकुल औलिया र•अ• की शान में शानदार क़लाम पेश कर माहौल को रूहानियत से भर दिया। इसके अलावा जनाब सरताज मुनीरी ने भी बेहतरीन मनक़बत पेश कर अकीदतमंदों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
खानकाह के सज्जादा नशीन हज़रत मोहिब मियां साहब मोहम्मदी क़दीरी रफीकी साहब क़िबला ने खुसूसी दुआ कराई, जिसमें मुल्क में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली की दुआ मांगी गई। कुल शरीफ में नायब सज्जादा जनाब फ़य्युख साहब भी मौजूद रहे। इस मौके पर जनाब फ़ौज़ी मुमताज़, जनाब ज़हीर अहमद, जनाब नबीहसन रफीकी, जनाब नन्हे भाई अख़लाक रफीकी, आमिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद शरीक हुए।
खानकाह प्रबंधन के अनुसार शनिवार को बाद नमाज़े ईशा जश्ने मुनीरुल असफसफिया की रूहानी महफ़िल सजाई जाएगी, इंशाअल्लाह।



