थाना आंवला पुलिस ने मुठभेड़ में गौकशी के वांछित आरोपी को दबोचा, अवैध असलहा व उपकरण बरामद

बरेली। गौकशी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना आंवला पुलिस को शनिवार देर रात बड़ी सफलता मिली। मुखबिर की सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गौकशी के दो मुकदमों में वांछित मुख्य अभियुक्त को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय गौकशी गिरोह में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 2:30 बजे पुलिस टीम गौकशी से जुड़े अभियुक्तों की तलाश में क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि हाल ही में हुई गौकशी की घटना का मुख्य आरोपी अपने एक साथी के साथ बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से वजीरगंज की ओर से नाजायज गतिविधि को अंजाम देने की तैयारी में आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने ग्राम मनोना मार्ग पर घेराबंदी कर ली।
जैसे ही मोटरसाइकिल सवार आरोपी पुलिस के घेरे में आए, उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी मेहरबान उर्फ लुक्का पुत्र मुईनुद्दीन निवासी निजामपुर पस्तौर, थाना बिनावर (जनपद बदायूँ) के बाएं पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़ा, जबकि उसका साथी नाजिम पुत्र छोटे निवासी मनोना अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस ने मौके से अभियुक्त के पास से एक देसी तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस, नाल में फँसा एक खोखा कारतूस, एक छुरा, तीन रस्सियाँ और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दो अलग-अलग गौकशी के मामलों में वांछित था और दोबारा वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गौकशी जैसी घटनाओं में लिप्त अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।



