इज्जतनगर में निजी अस्पताल से रंगदारी मांगने का आरोप, कथित पत्रकार के खिलाफ तहरीर

बरेली । थाना इज्जतनगर क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल के प्रबंधन ने एक कथित पत्रकार पर रंगदारी मांगने, धमकी देने और अस्पताल की छवि धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। मामले को अवैध वसूली, धमकी और आपराधिक षड्यंत्र से जोड़ते हुए पुलिस से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
शिकायत के अनुसार 28 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे टीटू नामक एक गंभीर मरीज को उसके 6-7 परिजन सनराइज हॉस्पिटल, 100 फुटा रोड, तुला शेरपुर लेकर पहुंचे थे। मरीज की हालत बेहद नाजुक बताई गई। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने करीब 1:45 बजे जांच के बाद मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल दिल्ली या किसी बड़े अस्पताल में ले जाकर इलाज कराने की सलाह दी।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को न तो भर्ती किया गया और न ही कोई उपचार शुरू किया गया था। जब परिजन मरीज को बाहर एम्बुलेंस में शिफ्ट कर रहे थे, उसी दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन शव को लेकर चले गए। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार घटना के समय प्रबंधक अस्पताल में मौजूद नहीं था। करीब 2:30 बजे जब वह अस्पताल पहुंचा तो वहां एक व्यक्ति मौजूद मिला, जिसने अपना नाम संतोष शाक्य बताते हुए खुद को पत्रकार बताया।
आरोप है कि उसने अस्पताल पहुंचते ही अभद्र भाषा में बात शुरू कर दी। इसके बाद उसने अस्पताल के मार्केटिंग मैनेजर को अलग ले जाकर 50 हजार रुपये की मांग की और कहा कि पैसे न देने पर अस्पताल को बदनाम कर दिया जाएगा। आरोप यह भी है कि जब इस मांग का विरोध किया गया और पैसे देने से साफ इंकार किया गया तो कथित पत्रकार ने अस्पताल की छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक और गलत वीडियो अपलोड करना शुरू कर दिया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी के साथ एक अन्य व्यक्ति मौजूद था, जो स्वयं को जिला अस्पताल का अधिकारी बता रहा था।अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह पूरा मामला अवैध वसूली, धमकी, गलत सूचना फैलाने और संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है, जिससे न केवल अस्पताल की छवि प्रभावित हुई है बल्कि कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना है।
थाना इज्जतनगर पुलिस ने मामले में तहरीर स्वीकार कर ली है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



