BareillyCrimeLatestUttar Pradesh

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: बरेली में चकबंदी लेखपाल रिश्वत लेते धरा

बरेली, 04 अप्रैल 2025: भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की अडिग प्रतिबद्धता और जीरो टॉलरेंस नीति का एक और शानदार उदाहरण आज बरेली में देखने को मिला। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस साहसिक कार्रवाई में सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय भूरे सिंह को भी नामजद अभियुक्त बनाया गया है। यह सफलता न केवल भ्रष्टाचारियों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि आम जनता में विश्वास जगाने वाला कदम भी है।

शिकायत से शुरू हुई कहानी: जमीन के वारिसाना के लिए रिश्वत की मांग

शिकायतकर्ता टंडन बाबू, थाना फरीदपुर, जनपद बरेली के निवासी हैं वे अपनी मां श्रीमती कलावती के स्वर्गवास के बाद एक पारिवारिक समस्या का समाधान चाहते थे। उनकी मांग थी कि ग्राम गजनेरा में चक संख्या 128 की कृषि भूमि का वारिसाना उनके और उनके भाइयों के नाम पर दर्ज किया जाए। लेकिन इस सामान्य प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सहायक चकबंदी अधिकारी भूरे सिंह और चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह ने उनसे 25,000 रुपये की रिश्वत की पहली किश्त मांगी। रिश्वत न देने पर महीनों तक कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर टंडन बाबू ने आखिरकार भ्रष्टाचार निवारण संगठन का दरवाजा खटखटाया।

ट्रैप टीम का शानदार जाल: रिश्वतखोर लेखपाल पकड़ा गया

भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बरेली मंडल के पुलिस उपाधीक्षक के कुशल नेतृत्व में ट्रैप टीम प्रभारी बब्बन खान, निरीक्षक, ने अपनी टीम के साथ मिलकर एक सुनियोजित रणनीति तैयार की। आज सुबह 11:11 बजे, सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय कार्यालय गेट, सदर बरेली के ठीक सामने, महावीर सिंह को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा । महावीर सिंह, पुत्र स्वर्गीय श्याम लाल, मूल रूप से ग्राम जसरथपुर, थाना बिलारी, जनपद मुरादाबाद का निवासी हैं और वर्तमान में चंद्रबटी बैंकट हॉल के सामने, गली नंबर-01, थाना सुभाष नगर, बरेली में रहते हैं। वह चकबंदी लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं। इस कार्रवाई में भूरे सिंह मौके पर नहीं मिले, लेकिन उन्हें भी इस कांड में सह-अभियुक्त बनाया गया है।

कानून का शिकंजा: कोतवाली में मुकदमा दर्ज

पकड़े गए महावीर सिंह और नामजद भूरे सिंह के खिलाफ थाना कोतवाली, बरेली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह ऑपरेशन अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन, लखनऊ के निर्देशों पर आधारित था। पुलिस उपाधीक्षक ने कहा, “यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति का हिस्सा है। हमारा लक्ष्य भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ना है।”

भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत संदेश: जनता में जागी उम्मीद

यह घटना सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, लेकिन साथ ही यह भी साबित करती है कि सही मंच पर शिकायत करने से न्याय संभव है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने इस कार्रवाई से न केवल दोषियों को सबक सिखाया, बल्कि आम लोगों को यह भरोसा भी दिलाया कि उनकी आवाज सुनी जाएगी। संगठन ने जनता से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की शिकायत हेल्पलाइन 9454402484 या ईमेल [email protected] पर बेझिझक दर्ज करें।

जांच जारी: और खुलासों की संभावना

महावीर सिंह से पूछताछ जारी है और भूरे सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है और हर भ्रष्टाचारी को सजा के दायरे में लाया जाएगा।

बरेली की यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई है। यह न केवल भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज में पारदर्शिता और ईमानदारी की नई उम्मीद भी जगाती है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की यह सफलता निश्चित रूप से भविष्य में और सख्त कदमों का आधार बनेगी।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

error: Content is protected !!