पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर हड़ताल, स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर जोरदार प्रदर्शन

बरेली। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के देशव्यापी आह्वान पर 27 जनवरी को समस्त सरकारी बैंकों में एक दिवसीय हड़ताल रही। इसी क्रम में बरेली में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा, कचहरी परिसर पर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने विशाल प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए, जिससे दिनभर बैंकिंग कार्य प्रभावित रहा।
प्रदर्शन का संचालन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन बरेली के जिला संयोजक कॉमरेड नविंदर कुमार ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने सरकार से बैंकिंग क्षेत्र में भी आरबीआई, एलआईसी और अन्य केंद्रीय कार्यालयों की तरह पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बैंक कर्मियों पर बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव को देखते हुए यह मांग पूरी तरह जायज है, लेकिन सरकार लगातार इस पर टालमटोल कर रही है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन बरेली के जिलाध्यक्ष पी.के. माहेश्वरी ने कहा कि आज बरेली समेत पूरे देश में बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर हैं। अखिल भारतीय स्तर पर यूएफबीयू द्वारा दिए गए आह्वान पर बरेली में भी स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर सभा आयोजित कर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी एकमात्र मांग है कि बैंकिंग क्षेत्र में भी पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू की जाए। यह मांग पिछले लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। माहेश्वरी ने बताया कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए बैंक यूनियनों ने ट्विटर कैंपेन, ब्लैक बैज पहनकर विरोध, रैलियां और अब हड़ताल जैसे कदम उठाए हैं। यदि इसके बावजूद सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

जिला संयोजक नविंदर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग को लेकर पिछले 18 महीनों से लगातार सरकार से मांग की जा रही है। यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए लंबित है, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। इस मांग पर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक यूनियनों की भी सहमति है, इसके बावजूद सरकार निर्णय नहीं ले पा रही है। उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो भविष्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल समेत बड़े आंदोलन किए जाएंगे। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने एक स्वर में पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों का कार्य-जीवन संतुलन सुधरेगा, बल्कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।



