बरेली में अवैध खनन के विरोध में कलेक्ट्रेट पर धरना, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

बरेली। जिले में बढ़ते अवैध मिट्टी खनन और उससे हो रही जानलेवा घटनाओं को लेकर हिंदू जागरण एवं स्वाभिमान सुरक्षा समिति ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि बरेली के जिला खनन अधिकारी की मिलीभगत और संरक्षण के चलते पूरे जिले में अवैध मिट्टी खनन धड़ल्ले से चल रहा है। खनन माफियाओं द्वारा बिना अनुमति, दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी का खनन कराया जा रहा है, जिससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और निर्दोष लोगों की जान जा रही है।
संगठन ने ज्ञापन में कई गंभीर घटनाओं का उल्लेख किया। बताया गया कि नवाबगंज क्षेत्र के बरखेडा रोड पर 3 जून 2025 की तड़के खनन माफिया की ट्रैक्टर-ट्राली से हुई सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई थी, जो संगठन परिवार के सदस्य थे। इसी तरह थाना हाफिजगंज क्षेत्र के ग्राम बीजामऊ के पास 11 दिसंबर 2025 को खनन से जुड़ी दुर्घटना में रामपाल नामक युवक की मौत हुई, जिसका मुकदमा भी दर्ज हुआ। थाना बिथरी चैनपुर के ग्राम साजनपुर में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आने से आठ वर्षीय बच्ची और उसकी मां की मौत का मामला भी संगठन ने उठाया।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अवैध खनन रोकने के लिए कई मांगें रखीं। इसमें सभी खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर पंजीकरण नंबर अनिवार्य करने, चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होने, बिना लाइसेंस चालक मिलने पर ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त कर वाहन सीज करने, रात्रिकालीन खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, ट्राली में मिट्टी को तिरपाल या पन्नी से ढककर ले जाने, सीमित गति से संचालन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग शामिल है।

धरना प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खनन अधिकारी के संरक्षण में अवैध खनन चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सीमित ट्रालियों की अनुमति के नाम पर जेसीबी मशीनों से कई फीट गहरी खुदाई की जा रही है, जिससे तालाब जैसे गड्ढे बन रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों में न तो नंबर होते हैं, न लाइट और न ही चालक के पास लाइसेंस, फिर भी वे गांवों से होकर तेज रफ्तार में गुजर रही हैं।
संगठन ने मांग की कि जिला खनन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, उन्हें निलंबित किया जाए और अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जिले में हो रही जानलेवा घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।



