किसान नेता डॉ. रवि नागर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग की: 4 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्ट - सैयद मारूफ अली

बरेली, 24 मार्च 2025: किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की मांग की है। सोमवार को बरेली में किसानों के एक समूह ने डॉ. नागर के नेतृत्व में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बदायूं सिंचाई परियोजना सहित चार सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें 25 मार्च तक पूरी नहीं हुईं, तो 26 मार्च को रामगंगा से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इस बीच, मुख्यमंत्री के 27 मार्च को बरेली दौरे की जानकारी मिलने के बाद किसानों ने उनसे मिलने का समय देने की अपील की है।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
किसान एकता संघ ने अपने ज्ञापन में चार प्रमुख मांगों को रेखांकित किया है, जिनमें बदायूं सिंचाई परियोजना का शीघ्र कार्यान्वयन शामिल है। डॉ. रवि नागर ने कहा कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और किसानों के हित में इनका समाधान आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संगठन ने पहले ही प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया था और 25 मार्च तक इनके पूरा होने की समय सीमा तय की थी। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते किसानों ने 26 मार्च को पदयात्रा का ऐलान किया था। लेकिन मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए संगठन ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए उनसे सीधे मुलाकात की मांग की है।
खबर मे क्या क्या
डॉ. नागर ने कहा, “हमें पता चला है कि 27 मार्च को प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ बरेली आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि उनके व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय किसान एकता संघ के प्रतिनिधिमंडल के लिए निकाला जाए, ताकि हम अपनी समस्याएं उनके समक्ष रख सकें।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि उनकी मांगें अनसुनी रहीं, तो किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

पदयात्रा की चेतावनी
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पहले ही आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली थी। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि 25 मार्च तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 26 मार्च को रामगंगा नदी से लेकर कलेक्ट्रेट तक एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा के जरिए किसान अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। डॉ. नागर ने कहा कि यह पदयात्रा शांतिपूर्ण होगी, लेकिन यह किसानों के दृढ़ संकल्प को दर्शाएगी। हालांकि, अब मुख्यमंत्री के दौरे की खबर के बाद संगठन ने पदयात्रा से पहले बातचीत का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।
कौन-कौन रहा मौजूद?
ज्ञापन सौंपने के दौरान डॉ. रवि नागर के साथ कई प्रमुख किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें यज्ञ प्रकाश गंगवार, पंडित राजेश शर्मा, चौधरी श्यामपाल, बहुरन पाल, गिरीश गोस्वामी, दीपक पांडे, संजय पाठक और लखपत सिंह शामिल थे। इन नेताओं ने एक स्वर में कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान अब और टाला नहीं जा सकता। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और मुलाकात का समय सुनिश्चित किया जाए।
किसानों की मांगों का महत्व
किसान एकता संघ की मांगें मुख्य रूप से बदायूं सिंचाई परियोजना से जुड़ी हैं, जो क्षेत्र के किसानों के लिए जीवन रेखा मानी जाती है। इसके अलावा, अन्य मांगों में किसानों को बेहतर सुविधाएं, फसलों का उचित मूल्य और सिंचाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना शामिल है। डॉ. नागर ने कहा कि ये मांगें न केवल बरेली बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के हित में हैं। उनका मानना है कि यदि सरकार इन मुद्दों पर ध्यान देती है, तो किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
आगे की रणनीति
किसान एकता संघ ने स्पष्ट किया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग को वे एक सकारात्मक कदम मानते हैं। लेकिन यदि यह संभव नहीं हुआ, तो संगठन अपने आंदोलन को तेज करने से पीछे नहीं हटेगा। डॉ. नागर ने कहा, “हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि समाधान है। लेकिन अगर हमारी आवाज अनसुनी रही, तो हमें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
“बरेली प्रशासन ने अभी तक इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब सबकी नजरें 27 मार्च को मुख्यमंत्री के दौरे पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि किसानों की मांगें सरकार तक पहुंच पाती हैं या नहीं।